
page
अली की ईमानदारी
एक गाँव में अली नाम का एक गरीब लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में पैसों से भरा हुआ एक बटुआ मिला। बटुए में बहुत सारे पैसे और एक पहचान-पत्र था। अली चाहता तो उन पैसों को अपने पास रख सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
वह पहचान-पत्र पर लिखे पते पर पहुँचा और बटुआ उसके मालिक को लौटा दिया। बटुए का मालिक गाँव का एक व्यापारी था। उसने खुश होकर अली को इनाम देना चाहा, लेकिन अली ने कहा, "मुझे इनाम नहीं चाहिए। यह मेरा पैसा नहीं था, इसलिए इसे रखना गलत होता।",
व्यापारी अली की सच्चाई से बहुत प्रभावित हुआ। उसने गाँव के लोगों के सामने उसकी ईमानदारी की प्रशंसा की और उसे अपनी दुकान पर काम दे दिया।
सीख
इंसान को लालच छोड़कर हमेशा सच और ईमानदारी का साथ देना चाहिए, क्योंकि अंत में जीत हमेशा सच्चाई की होती है।