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गाँव के लड़के का सच्चा प्यार
एक छोटे से गाँव में रमेश नाम का एक साधारण लड़का रहता था। उसके पास ज्यादा पैसे नहीं थे, लेकिन दिल बहुत साफ था।
उसी गाँव में पूजा रहती थी। दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती सच्चे प्यार में बदल गई।
रमेश रोज खेतों में काम करता और शाम को पूजा से मिलने नदी किनारे जाता। वह हमेशा कहता— “मेरे पास तुम्हें देने के लिए महंगे तोहफे नहीं हैं… लेकिन मेरा प्यार जिंदगी भर तुम्हारे साथ रहेगा।”
“अगर तुम्हारी खुशी मेरे बिना है, तो मैं तुम्हें कभी मजबूर नहीं करूँगा।”
एक दिन पूजा के घरवालों ने उसकी शादी किसी अमीर लड़के से तय कर दी। पूजा बहुत रोई, लेकिन रमेश ने उसका हाथ पकड़कर उसे समझाया।
पूजा की आँखों में आँसू आ गए। उसे समझ आया कि सच्चा प्यार पाने का नाम नहीं, बल्कि सामने वाले की खुशी के लिए खुद को पीछे कर देना है।
कुछ दिनों बाद पूजा ने अपने परिवार سے कहा— “मुझे दौलत नहीं चाहिए… मुझे रमेश जैसा सच्चा इंसान चाहिए।” आखिरकार दोनों की शादी हो गई।
“सच्चा प्यार अमीरी-गरीबी नहीं देखता… बस सच्चा दिल देखता है।” ❤️